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क्या है

बच्चे सीखते हैं कि ध्वनि तब बनती है जब वस्तुएँ कंपन (vibrate) करती हैं, कि कंपन किसी माध्यम (हवा, पानी, ठोस पदार्थ) से होकर कान तक जाते हैं, और कि पिच (pitch) और तेज़ी (loudness) कंपन के गुणों से संबंधित होते हैं।

क्यों मायने रखता है

ध्वनि का यह कंपन-आधारित मॉडल वही है जिस पर KS3 और GCSE भौतिकी में ध्वनि तरंगों, आवृत्ति (frequency) और आयाम (amplitude) का अध्ययन करते समय औपचारिक रूप से निर्माण किया जाता है।

परीक्षा टिप

याद रखें कि ध्वनि को यात्रा करने के लिए एक माध्यम चाहिए और यह निर्वात (vacuum — ख़ाली अंतरिक्ष) से होकर नहीं जा सकती — यह एक अक्सर परखा जाने वाला तथ्य है जो उन विद्यार्थियों को उलझा देता है जो मान लेते हैं कि ध्वनि प्रकाश की तरह यात्रा करती है।

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